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झारखंड में सरकार गिराने की साजिश! रांची के बड़े होटलों में स्पेशल सेल का छापा; भारी नकदी के साथ 4 गिरफ्तार, विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका

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झारखंड की राजधानी रांची में शुक्रवार देर रात स्पेशल सेल ने बड़े होटलों में छापेमारी की है. यहां से 4 लोगों को भारी नकदी के साथ गिरफ्तार किया गया है. पूरी कार्रवाई स्पेशल सेल के इशारे पर की गई है।

स्पेशल ब्रांच का दावा है कि ये लोग झारखंड में सरकार गिराने की साजिश के तहत विधायकों की खरीद-फरोख्त के लिए मोटी रकम लेकर होटल में ठहरे थे. शनिवार को गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली थाने में देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. जबकि दूसरे पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद महतो के खिलाफ कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। इन पर आईपीसी की धारा 419, 420 124-ए, 120 बी, 34 और पीआर एक्ट की धारा 171 के साथ पीसी एक्ट की धारा 8/9 लगाई गई है।

 
दो दिन तक चली गुप्त कार्रवाई, शुक्रवार देर रात तक चली छापेमारी
सूत्रों के मुताबिक विशेष शाखा को सूचना मिली थी कि राज्य में कुछ लोग सरकार के खिलाफ साजिश कर रहे हैं. इस पर पुलिस की टीम ने गुरुवार और शुक्रवार को लगातार 2 दिन रांची के बड़े होटलों में गुपचुप तरीके से छापेमारी की. पुलिस ने लोअर बाजार थाना क्षेत्र के एक बड़े होटल से 4 लोगों को हिरासत में लिया. इन लोगों के पास से भारी केस भी बरामद हुए हैं।

चारों आरोपियों ने पूछताछ में कई राज खोले हैं। राज्य के अन्य जिलों में गिरफ्तार लोगों की मौके पर जांच की जा रही है. पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। चर्चा है कि प्रदेश के विधायकों के संबंध में कोई साजिश रची गई है।

हवाला को लेकर फरवरी से जुलाई तक कई बार छापेमारी

हाल के दिनों में हवाला कारोबार के नाम पर राज्य में कई बार छापेमारी भी हो चुकी है. 16 जुलाई को रांची, धनबाद और बोकारो में कई कारोबारियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई थी. वहीं रांची शहर में भारी रकम आने की सूचना पर पुलिस ने पूरे शहर में सघन जांच अभियान चलाया था. रांची में ट्रैवल एजेंसी के दो दफ्तरों पर छापेमारी की गई.

इससे पहले फरवरी में भी रांची पुलिस ने हवाला कारोबार के नाम पर छापेमारी की थी. फिर पुलिस ने एक ट्रैवल एजेंसी के कार्यालय से नोट गिनने की मशीन भी बरामद की। उस दौरान भी राजनीतिक गलियारों में छापेमारी को लेकर चर्चा तेज थी.

सहयोगी दलों के कई विधायक हेमंत की सरकार से नाराज
29 दिसंबर 2019 को, झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कांग्रेस, राजद और अन्य दलों के समर्थन से राज्य में सरकार बनाई। 45 वर्षीय झामुमो नेता हेमंत सोरेन दूसरी बार झारखंड के मुख्यमंत्री बने। लेकिन कुछ ही महीनों में सरकार के सहयोगी दलों में नाराजगी की खबर आ गई। हेमंत सोरेन की भाभी और उनकी भतीजी ने भी उपेक्षा के आरोप लगाए हैं।

हेमंत के छोटे भाई और विधायक बसंत सोरेन भी कुछ विधायकों के साथ दिल्ली का दौरा कर चुके हैं. वहीं कांग्रेस विधायक दीपिका पांडे सिंह और इरफान अंसारी ने भी दिल्ली जाकर केंद्रीय नेतृत्व से नाराजगी जताई है. वहीं बीजेपी से कांग्रेस में आए विधायक उमाशंकर अकेला ने भी विभिन्न मुद्दों पर सरकार से नाराजगी जताई है.

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