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Supreme court ने लखीमपुर खीरी मामले में UP सरकार को लगाई फटकार, कहा ऐसी धारणा ना बनने दे की आप जांच से भाग रहे।

लखीमपुर खीरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि ऐसी धारणा ना बनने दे की आप जांच से पैर खींच रहे हैं।

 

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया और मामले में गवाहों का बयान सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज करने का भी निर्देश दिया, सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

 

सुप्रीम कोर्ट ने आज मामले की सुनवाई के दौरान स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने पर उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि सरकार को स्टेटस रिपोर्ट कम से कम 1 दिन पहले दायर करनी चाहिए।

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप कैसे अपेक्षा कर सकते हैं कि हम सुनवाई के साथ-साथ स्टेटस रिपोर्ट भी पढ़ ले, सुप्रीम कोर्ट ने सीलबंद कवर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने पर भी नाराजगी जताई, सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कहा कि सीलबंद कवर में स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने के लिए नहीं कहा गया था।

 

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से कई सवाल पूछा। सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा अब तक कितने लोगों की गिरफ्तारी हुई है? कितने लोग पुलिस कस्टडी में हैं? कितने लोग जेल में हैं? जो लोग जेल में है क्या उनकी पुलिस कस्टडी की जरूरत अब नहीं है?

 

उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि अब तक मामले में 10 लोगों की गिरफ्तारी हुई है कुल 44 गवाहों के बयान दर्ज हुए हैं, कोर्ट को बताया गया कि 10 में से चार आरोपी पुलिस कस्टडी में है।

 

सुप्रीम कोर्ट ने इस पर पूछा कि जो लोग जुडिशल कस्टडी में हैं क्या उनकी पुलिस कस्टडी की मांग नहीं की गई? इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील गरिमा प्रसाद ने बताया कि 3 दिन की पुलिस कस्टडी पूरी करने के बाद वह जेल में है। सुप्रीम कोर्ट ने सवाल उठाया कि सिर्फ 4 गवाहों के बयान ही अब तक क्यों दर्ज किए गए हैं?

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि ऐसी धारणा ना बनने दें कि आप जांच को लेकर अपने पैर खींच रहे हैं, इस पर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने जवाब देते हुए कहा कि दशहरे की छुट्टी के कारण कोर्ट बंद होने की वजह से गवाहों के बयान दर्ज नहीं हो सके।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया कि ऐसा ही करेंगे।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बाकी गवाहों का बयान दर्ज करने के लिए थोड़ा सा समय मांगा, उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने बताया कि अब तक मामले में 70 से ज्यादा वीडियो सामने आ चुके हैं जिनको फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है मामले में क्राइम सीन कोरी क्रिएट भी किया गया है।

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